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अध्याय 1, श्लोक 17 अर्जुन का शंखनाद

अध्याय 1, श्लोक 17, शंखध्वनि से धर्म की उद्घोषणा

श्लोक 1.17 
अन्येषां च सर्वेषां सघोषो धनञ्जयः।
स शङ्खं दध्मौ महाशङ्खं भीष्मप्रमुखतः पितामहः॥  

अनुवाद:
अन्य बहुत से वीर योद्धा, जो मेरे लिए अपने जीवन को त्याग देने को तैयार हैं, विविध प्रकार के शस्त्रों से सुसज्जित हैं और युद्ध में निपुण हैं। 

शब्दार्थ:
अन्येषाम्: — अन्य सभी के लिए
च सर्वेषाम्: — और समस्त (पक्षों के)
सघोषः — शंखनाद
धनञ्जयः — अर्जुन (धन को जीतने वाला)
सः शङ्खम् दध्मौ — उसने शंख बजाया
महाशङ्खम्: — महान शंख
भीष्म-प्रमुखतः — भीष्म की उपस्थिति में
पितामहः — पितामह (भीष्म)

भावार्थ:
इस श्लोक में युद्ध भूमि में बजने वाले शंखों की गर्जना का वर्णन हो रहा है। अर्जुन, जो धनञ्जय नाम से भी प्रसिद्ध हैं, उन्होंने अन्य सभी योद्धाओं के साथ मिलकर अपना शंख बजाया। यह महान शंखनाद, भीष्म पितामह की उपस्थिति में हुआ, मानो पूरे युद्ध का आरम्भ उसी शुभ ध्वनि से हो गया हो।

गूढ़ अर्थ / आध्यात्मिक व्याख्या:
शंख एक आध्यात्मिक प्रतीक है। जब अर्जुन जैसे धर्मात्मा योद्धा शंख बजाते हैं, तो वह न केवल शारीरिक युद्ध की घोषणा होती है, बल्कि एक आंतरिक चेतना के जागरण की भी शुरुआत होती है।
यह श्लोक हमें अहंकार और संख्या बल की भावना को दर्शाता है। दुर्योधन को लगता है कि बाहरी शक्ति और अनुयायियों की संख्या ही विजय का कारण होगी।
परंतु भगवद गीता हमें यही सिखाने आती है कि केवल बाह्य शक्ति नहीं, बल्कि धर्म, विवेक और कृष्ण का साथ ही विजय का कारण होता है। 

भीष्म की उपस्थिति में — धर्म और कर्तव्य के प्रतीक भीष्म का यहाँ उल्लेख दर्शाता है कि यह युद्ध मात्र अधिकारों के लिए नहीं, बल्कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए लड़ा जा रहा है।
धनञ्जय — अर्जुन का यह नाम उस आत्मा का प्रतीक है जो धन (अर्थात आत्म-गुण, भक्ति, ज्ञान) को जीत लेती है।

आध्यात्मिक शिक्षा:
हमारे जीवन का युद्ध भी तभी आरंभ होता है जब हम भीतर से जगते हैं — जब भीतर का अर्जुन (विवेक) शंख बजाता है।
धर्म के मार्ग पर चलने के लिए धैर्य, साहस, और सत्य का साथ अत्यावश्यक है।
भीष्म की तरह जीवन में स्थिरता और अर्जुन की तरह एकाग्रता — यही सफलता की कुंजी है।

जीवन में उपयोग (Spiritual Application):
जब भी कोई निर्णय लें, उसे आध्यात्मिक शंखनाद के साथ लें — यानि पूर्ण जागरूकता और भक्ति-भाव से।
किसी भी युद्ध (संकट) में उतरने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपके साथ “भीष्म” जैसे धर्म के आधार हों।

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