सम्बन्धों का मोह और जीवन का कड़वा सच: भगवद्गीता (1.34)
सम्बन्धों का मोह और जीवन का कड़वा सच: भगवद्गीता (1.34) अक्सर हम अपनी सफलता और खुशियों को अपनों के साथ साझा करना चाहते हैं। लेकिन क्या होगा अगर वही अपने हमारे सामने एक ऐसी स्थिति में खड़े हों जहाँ हमें उनके विरुद्ध निर्णय लेना पड़े? कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन


