Gita Wisdom

अपनों के विरुद्ध युद्ध? अर्जुन का मोह और गीता का मर्म (अध्याय 1, श्लोक 33)

अपनों के विरुद्ध युद्ध? अर्जुन का मोह और गीता का मर्म (अध्याय 1, श्लोक 33) प्रस्तावना: भगवद गीता के पहले अध्याय “अर्जुन विषाद योग” में हम अर्जुन के मन के द्वंद्व को देखते हैं। श्लोक 33 उस स्थिति को दर्शाता है जहाँ अर्जुन कृष्ण से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताते हैं कि जिन लोगों […]